शिक्षकों को निरंतर नई शिक्षण तकनीकों एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाना चाहिए-प्रो. सुदेश
खानपुर कलां, 8 मई 2026
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआइटीटीटीआर), चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित परिणाम-आधारित शिक्षा (ओबीई) एवं प्रभावी शिक्षण-पद्धति कौशल विषयक एक सप्ताह का शॉर्ट टर्म कोर्स आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह कार्यशाला 4 मई से 8 मई 2026 तक आयोजित की गई।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उसे कौशल, नवाचार एवं व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिणाम-आधारित शिक्षा प्रणाली छात्राओं के समग्र विकास को सुनिश्चित करती है तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
प्रो. सुदेश ने कहा कि शिक्षकों को निरंतर नई शिक्षण तकनीकों एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाना चाहिए, ताकि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता एवं शिक्षण क्षमता को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
एनआइटीटीटीआर, चंडीगढ़ की कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. मैत्रेयी दत्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की फैकल्टी अत्यंत प्रतिभावान, समर्पित एवं नवाचार के प्रति सजग है। उन्होंने कहा कि यहां के शिक्षकों में सीखने और नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम निदेशक प्रो. विजय नेहरा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. संदीप दहिया ने बताया कि कार्यशाला के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा छात्र-केंद्रित शिक्षण, नवाचार आधारित शिक्षा, प्रभावी मूल्यांकन तकनीकों एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए।
मंच संचालन कार्यक्रम समन्वयक प्रो प्रियंका ने किया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
फोटो कैप्शन :- कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों के साथ कुलपति प्रो. सुदेश।