किसानों को खेत तक रास्ते का अधिकार : 20 फीट चौड़े मार्ग की नई व्यवस्था
किसानों को खेत तक रास्ते का अधिकार : 20 फीट चौड़े मार्ग की नई व्यवस्था
राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए खेत तक पहुंच के लिए 20 फीट चौड़ा रास्ता उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था लागू की गई है। अप्रैल 2026 से लागू इस आदेश का उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जिनके खेत तक पहुंचने के लिए कोई सीधा मार्ग उपलब्ध नहीं है।
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी किसान का खेत चारों ओर से घिरा हुआ है और वहां तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, तो प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि जैसे गैर-मुमकिन भूमि, चारागाह या रास्ते की भूमि से 20 फीट चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसान को कृषि DLC दर की दोगुनी राशि जमा करनी होगी। यह भूमि केवल रास्ते के उपयोग के लिए होगी, वहां किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था का कानूनी आधार भारतीय ईजमेंट अधिनियम 1882 की धारा 13 तथा राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 251-ए को माना गया है। नियमों के अनुसार किसान को तहसील या एसडीएम कार्यालय में आवेदन देना होगा, जिसके साथ खसरा, जमाबंदी, खेत का नक्शा और पहचान पत्र जैसे दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
आवेदन के बाद पटवारी और गिरदावर द्वारा मौके की जांच की जाएगी तथा सुनवाई के बाद एसडीएम द्वारा रास्ते के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद रास्ते को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से किसानों को खेत तक पहुंचने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ेगी। स्थानीय किसानों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में बड़ा कदम बताया है।