सच दिखाना बन।अपराध
द लोकसदन के चीफ़ विरेंद्र पंवार के साथ अलवर जिले के टहला थाने में पुलिस के द्वारा किया गया ये व्यवहार अशोभनीय है,लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार के साथ यदि पुलिस थाने में ही दुर्व्यवहार हो, तो यह न सिर्फ चिंता का विषय है बल्कि पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सूचना जुटाने और सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकार के साथ इस तरह की घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। क्या अब सच दिखाना भी अपराध बन गया है?