logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

ब्रेकिंगन्यूज़

स्मार्ट मीटर प्रीपेड योजना खत्म : यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला विधान सभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला

पत्रिका समाचार के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में लागू स्मार्ट मीटर योजना में बड़ा बदलाव किया है। लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटर योजना का लगातार विरोध हो रहा था, जिसके बाद सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। अब स्मार्ट मीटर योजना को ठंडे बस्ते में डालते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन इन्हें लगाने के साथ ही लगातार समस्याएं सामने आने लगी थीं। स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था।
2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। योगी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है। ऐसे में स्मार्ट मीटर योजना सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही थी। पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह थी कि स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होते ही बिजली स्वतः कट जाती थी। लोगों का कहना था कि कई बार मीटर तेज चल रहा था और पैसा जमा करने के बाद भी बिजली तुरंत चालू नहीं होती थी। इन तकनीकी खामियों को लेकर जनता में भारी नाराजगी थी।
सोमवार को योजना वापस लेने की घोषणा
शुरुआत में सरकार ने स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रही शिकायतों को राजनीति से प्रेरित बताया था, लेकिन बाद में इस मामले पर गंभीरता से मंथन हुआ और समीक्षा बैठकों का दौर चला। इसके बाद बीते सोमवार को स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की घोषणा की गई।
प्रदेश सरकार अब प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर योजना को लागू करके हो रहे राजनीतिक नुकसान को नियंत्रित करना चाहती है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने हटाई अनिवार्यता
पत्रिका समाचार के अनुसार केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद प्रदेश में अनिवार्य प्रीपेड प्रणाली के रूप में स्मार्ट मीटर योजना लागू की गई थी। पिछले डेढ़ साल से प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे।
शुरुआत में उपभोक्ताओं ने इसका सहयोग भी किया, लेकिन बाद में स्मार्ट मीटर में बड़ी खामियां सामने आने लगीं। इसके बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने वर्ष 2026 में अधिसूचना जारी कर प्रीपेड मोड की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया।
मानकों का पालन नहीं होने पर उठे सवाल
प्रदेश में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने भी इस पूरे मामले की समीक्षा शुरू की और बिजली कंपनियों से जवाब मांगा। समीक्षा में माना गया कि कई जगहों पर मानकों का सही पालन नहीं किया गया।
इसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है, बल्कि केवल अनिवार्य प्रीपेड व्यवस्था को हटाकर इसे पोस्टपेड कर दिया गया है। अब स्मार्ट मीटर पहले की तरह सामान्य बिजली बिल व्यवस्था पर काम करेंगे।।

2
0 views

Comment