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रामनगर: नरेश दास वैष्णव निंबार्क की शोधपूर्ण पुस्तकों का विमोचन

रामनगर, गन्नौर: भारतीय सेना के पूर्व सैनिक और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क की सात प्रमुख पुस्तकें अब भारत और अमेरिका समेत कई देशों में ऑनलाइन स्टोर्स पर हार्डकवर और पेपरबैक रूप में उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों में सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास और शौर्य को व्यापक रूप से दर्शाया गया है।

नरेश दास वैष्णव निंबार्क ने 18 वर्षों की मेहनत और साधना के बाद इन पुस्तकों की रचना की है, जिनमें 'महंत बने महाराजा' विशेष चर्चा में है। इसके अलावा 'रणभूमि से तीर्थभूमि तक', 'निम्बार्क संप्रदाय: सनातन वैष्णव बैरागी' और 'Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers' जैसी कृतियाँ भी शामिल हैं। लेखक ने आगामी पुस्तक "रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास" की घोषणा भी की है।

साथ ही, लेखक द्वारा संपादित मासिक डिजिटल पत्रिका 'सनातन भारत – नया सवेरा' का अप्रैल अंक भी जारी किया गया है, जो शोधार्थियों एवं धर्मप्रेमियों के लिए पठनीय सामग्री प्रदान करता है। इच्छुक पाठक लेखक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पुस्तकों के लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

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