पाली में सिंधी समाज द्वारा महायज्ञ का आयोजन देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने दी हवन में आहुतिया।
पाली सिधी समाज द्वारा महायज्ञ का आयोजन, देश विदेश से पधारे भक्तों द्वारा आहुतियां देने वालों का लगा तांता।
पाली, 7 मई (गुरुवार)। सिंधी समाज के जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अंतर्गत गुरूवार को महायज्ञ का आयोजन वैदिक विधि-विधान के साथ किया जा रहा है। महायज्ञ के लिए भरूच धाम से पधारे विद्वान पंडितों के सान्निध्य में अनुष्ठान संपन्न हो रहा है। हवन का कार्यक्रम अनवरत जारी है, जिसमें देश विदेश से पधारे श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से आहुतियां अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अवसर पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दे रहा है। 8 मई को पूज्य बहिराणा साहिब के अवसर पर महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। पश्चात प्रसाद स्वरूप सर्व सिंधी समाज का पूज्य भंडारा साहिब का आयोजन होगा।
सेवादार हेमन्त तनवानी ने बताया कि पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब का उद्देश्य सिंधियत की भावना तथा वरुण अवतार भगवान झूलेलाल की महिमा का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना था । देश विभाजन के बाद सिंध से भारत आए अनेक सिंधी परिवार देश के विभिन्न शहरों में जाकर बस गए, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर भी उन्होंने अपने हृदय में लाल सांई के प्रति श्रद्धा, आस्था और अपनत्व सदैव जीवित बनाए रखा। सांई ओमलाल साहिब ने देशभर का भ्रमण किया और घर-घर तक पूज्य बहिराणा साहिब के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने समाजबंधुओं को अपनी जड़ों, संस्कारों और सिंधी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भी देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लोग श्रद्धा, भक्ति और एकात्म भाव से उनसे जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली