logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

द्वारका में स्यमंतक मणि और जामवंत युद्ध की कथा

द्वारका: द्वापर युग में श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका में स्यमंतक मणि नामक दिव्य रत्न था, जो सूर्यदेव का वरदान माना जाता था। यह मणि राजा सत्राजित के पास थी, जो सूर्यदेव के भक्त थे। एक दिन सत्राजित के भाई प्रसेन शिकार के लिए गया और एक सिंह द्वारा मारा गया। उस सिंह को महान रीछराज जामवंत ने मार गिराया और स्यमंतक मणि अपनी गुफा में अपने पुत्र को दे दी।

जब प्रसेन वापस नहीं लौटा, तो सत्राजित ने श्रीकृष्ण पर आरोप लगाया कि उन्होंने मणि के लिए प्रसेन की हत्या की है। श्रीकृष्ण सत्य सिद्धि के लिए जंगल गए और गुफा में जामवंत से भयंकर युद्ध हुआ, जो 27-28 दिन तक चला। अंत में जामवंत ने श्रीकृष्ण को पहचान कर मणि सौंप दी और अपनी पुत्री जामवंती का विवाह श्रीकृष्ण से कर दिया। श्रीकृष्ण द्वारका लौटकर सत्राजित का कलंक दूर किया और सत्यभामा से विवाह किया। यह कथा सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना दर्शाती है।

0
4 views

Comment