विक्रमशिला सेतु का हिस्सा टूटा, गंगा पर यातायात ठप
भागलपुर में बड़ा हादसा, प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
भागलपुर | 4 मई 2026
भागलपुर जिले में गंगा नदी पर स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के टूटने की घटना सामने आई है। यह घटना देर रात लगभग 3 मई 2026 की रात से 4 मई 2026 की तड़के के बीच हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
घटना का विवरण
सूत्रों एवं स्थानीय प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पुल के एक हिस्से में अचानक दरारें आने के बाद संरचना कमजोर हो गई और लगभग एक स्पैन/स्लैब गंगा नदी में गिर गया।
घटना के तुरंत बाद पुल पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। प्रशासन ने एहतियातन पूरे मार्ग को बंद कर दिया ताकि किसी भी प्रकार की बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
यातायात व्यवस्था प्रभावित
विक्रमशिला सेतु के बंद होने के कारण भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा:
वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया गया है
गंगा पार कराने के लिए नाव एवं स्टीमर सेवा शुरू की गई है
सुरक्षा के मद्देनज़र पुल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है
पुल का महत्व
विक्रमशिला सेतु बिहार के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में से एक है, जो भागलपुर को उत्तर बिहार और झारखंड से जोड़ता है। यह लगभग 4.7 किलोमीटर लंबा पुल क्षेत्रीय परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए:
उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं
पुल की संरचनात्मक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है
मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की संभावना पर विचार किया जा रहा है
भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहे हैं कि पुल के निर्माण और रखरखाव में कहीं न कहीं लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
बड़ा सवाल खड़ा हुआ
इस घटना ने एक बार फिर देश में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
नियमित निरीक्षण और रखरखाव की कमी
तकनीकी मानकों की अनदेखी
और निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
विक्रमशिला सेतु का आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होना न केवल एक तकनीकी घटना है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सबकी निगाहें सरकारी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे वास्तविक कारण सामने आ सकें।