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जमशेदपुर की जनता पर फिर बढ़ा महंगाई का बोझ

लौहनगरी जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अब बिजली उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल भरना पड़ेगा। टाटा स्टील और UISL द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है, जिसका असर मई महीने से आने वाले बिलों में साफ दिखाई देगा। घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं की जेब पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।

हालांकि कंपनियों ने 12 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन जनसुनवाई और लोगों के विरोध के बाद JSERC ने इसे सीमित रखते हुए लगभग 4.74 प्रतिशत तक ही मंजूरी दी। इसके बावजूद आम लोगों के लिए यह राहत कम और अतिरिक्त बोझ ज्यादा महसूस हो रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे दुकानदारों के लिए बढ़ता बिजली बिल चिंता का विषय बन सकता है।

सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से जुड़े करीब 10 हजार उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलेगी, वहीं प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वालों को 3 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। लेकिन जिन परिवारों की खपत ज्यादा है, उन्हें अब हर महीने पहले से अधिक भुगतान करना पड़ेगा।

नए टैरिफ के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तक 3.30 प्रति यूनिट और उससे अधिक खपत पर 5.50 प्रति यूनिट शुल्क तय किया गया है। वहीं कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए भी दरों में बढ़ोतरी की गई है। इससे बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

बिजली कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और बेहतर सेवाओं के लिए यह कदम जरूरी था, लेकिन आम जनता का सवाल है कि जब पहले से महंगाई चरम पर है, तब बिजली दरों में इजाफा लोगों को और मुश्किल में डाल सकता है।

अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में उपभोक्ता संगठन और राजनीतिक दल इस मुद्दे को कितना बड़ा बनाते हैं।

आपकी क्या राय है? क्या बिजली दरों में यह बढ़ोतरी जायज है या आम जनता पर अतिरिक्त बोझ? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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