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प्रशासनिक अनदेखी: ग्राम पंचायत गढ़ उमरिया में तमाशा बनी पानी टंकी, ग्रामीण बूंद-बूंद को मोहताज[स्थान: गढ़ उमरिया | [दिनांक: 07 मई, 2026]गढ़ उमरिया: भी

प्रशासनिक अनदेखी: ग्राम पंचायत गढ़ उमरिया में तमाशा बनी पानी टंकी, ग्रामीण बूंद-बूंद को मोहताज
[स्थान: गढ़ उमरिया | [दिनांक: 07 मई, 2026]
गढ़ उमरिया: भीषण गर्मी के इस दौर में जहां सरकार हर घर जल पहुँचाने के दावे कर रही है, वहीं ग्राम पंचायत गढ़ उमरियासे एक शर्मनाक मामला सामने आया है। संस्कार स्कूल के पास स्थित पानी की टंकी पिछले डेढ़ से दो साल से महज एक 'शो-पीस' बनकर खड़ी है। विडंबना यह है कि नई बनी इस टंकी का लाभ ग्रामीणों को मिलने के बजाय, यह भ्रष्टाचार और निजी स्वार्थ की भेंट चढ़ गई है।
सरपंच पर गंभीर आरोप: जनता की पाइप से 'निजी' प्यास बुझ रही?
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने सार्वजनिक हित को ताक पर रखते हुए घोर लापरवाही बरती है। ग्रामीणों का कहना है कि:
टंकी में पानी भरने के लिए जो मुख्य पाइप लाइन बिछाई गई थी, उसे काटकर सरपंच ने कथित तौर पर अपने निजी उपयोग के लिए अपने घर की ओर मोड़ लिया है।
पिछले 2 सालों से टंकी शोभ की वस्तु बनी हुई है और देखरेख के अभाव में खराब पड़ी है।
स्कूल के पास होने के बावजूद, बच्चों और राहगीरों को इस चिलचिलाती गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
गर्मी में बढ़ी मुश्किलें
तापमान 40 डिग्री के पार पहुँच रहा है, ऐसे में पानी की किल्लत ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या सरपंच और पंचायत प्रशासन को जनता की तकलीफें नजर नहीं आतीं? स्कूल के पास टंकी होने का उद्देश्य बच्चों को सुविधा देना था, लेकिन यहाँ स्थिति बिल्कुल उलट है।
ग्रामीणों की मांग
गड़रिया के निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि:
पाइप लाइन की तत्काल जांच की जाए और उसे पुनः टंकी से जोड़ा जाए।
टंकी की मरम्मत कर उसे जल्द से जल्द चालू किया जाए।
सार्वजनिक संपत्ति का निजी उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
"यह सार्वजनिक धन का दुरुपयोग है। अगर जल्

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