पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है।:-
वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता के करीबी सहयोगी तथा निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात कोलकाता के बाहरी क्षेत्र मध्यमग्राम में हुई, जिसने पूरे राज्य की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ एक एसयूवी वाहन में यात्रा कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया। बताया जा रहा है कि जैसे ही वाहन की गति धीमी हुई, हमलावरों ने बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने लगभग से राउंड गोलियां चलाईं। हमले में चंद्रनाथ रथ को कम से कम तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार घायल व्यक्ति को भी तीन गोली लगी हैं और उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। घटनास्थल से बरामद वाहन गोलियों के निशानों से छलनी मिला। वाहन के शीशे पूरी तरह टूटे हुए थे तथा अंदर खून के धब्बे साफ दिखाई दे रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों तथा जांच एजेंसियों की कई टीमें सक्रिय हो गईं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, गोलियों की दिशा, हमलावरों की गतिविधियों और घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं। हालांकि अब तक हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है। इस बीच, घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा ने इस हत्या को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर पश्चिम बंगाल के सभी भाजपा विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को राज्य की स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ती राजनीतिक हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में पहले से ही राजनीतिक तनाव और टकराव का माहौल बना हुआ है। चंद्रनाथ रथ की हत्या ने एक बार फिर राज्य में राजनीतिक प्रतिशोध, विपक्षी नेताओं की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर बहस को तेज कर दिया है। पूरे मामले पर अब राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और राजनीतिक दलों की अगली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।