मध्यप्रदेश में खेती सुधार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कदम
मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’’ के तहत खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि गेहूं की स्लॉट बुकिंग की तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है, जिससे वंचित किसान भी अपनी उपज बेच सकेंगे। इस वर्ष 34.73 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। चना और मसूर के उपार्जन की अवधि 30 मार्च से 28 मई तक रखी गई है, जिसमें 600 करोड़ रुपये की प्राइस सपोर्ट स्कीम से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने भंडारण क्षमता में भी ऐतिहासिक वृद्धि का उल्लेख किया है, जिसमें 3.55 लाख मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता बनाई गई है और 15 लाख मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं। डिजिटल नवाचारों के तहत ई-किसान प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसान मोबाइल पर मंडी भाव, मौसम और तकनीकी सलाह प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक खेत का डिजिटल रिकॉर्ड और जियो-टैगिंग की जा रही है, जिससे फसल बीमा और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती हो रही है। प्रदेश में 6000 से अधिक क्लस्टर और 1000 से अधिक कृषि ड्रोन संचालक तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘कृषक कल्याण वर्ष’’ खेती की दशा और दिशा बदलने का संकल्प है, जो ‘‘समृद्ध किसान-विकसित मध्यप्रदेश’’ और ‘‘विकसित भारत 2047’’ की नींव रखेगा।