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ग्राम पंचायत में पोपा बाई का राज, घटिया निर्माण सामग्री का आरोप; ग्रामीणों में आक्रोश, काम रुकवाया

गंगरार उपखंड की रघुनाथपुरा पंचायत के बांदनवाड़ा गांव में निर्माणाधीन खुले बरामदे में घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। इसी के चलते ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रुकवाकर गुणवत्तापूर्ण सामग्री से पुनः निर्माण कराने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांदनवाड़ा गांव में तेजाजी मंदिर के पास ग्रामीणों की मांग पर 5,00,000 की लागत से खुले बरामदे का निर्माण ग्राम पंचायत रघुनाथपुर द्वारा कराया जा रहा है। लेकिन उक्त निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं।

गांव के पूर्व सरपंच हुकमाराम कुमावत, रतनलाल गाडरी, कालूराम गाडरी, भेरूलाल कुमावत, नारायण सिंह, नाथूलाल तेली, भगत सिंह आदि ने बताया कि निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि न तो पर्याप्त सीमेंट डाला जा रहा है और न ही भराई के समय नियमों के अनुसार मसाले का उपयोग किया जा रहा है।

डीसी भरने के दौरान भी पूरा जाल (जालियां) डालने के बजाय केवल एक 8 एमएम का सरिया डाला गया है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के लिए बनाए गए 8 पिलरों में भी मात्र 8 एमएम के सरियों का उपयोग किया गया है, जबकि नियमानुसार 12 से 16 एमएम के सरिए लगाए जाने चाहिए थे, ताकि मजबूती बनी रहे।

घटिया निर्माण सामग्री के कारण ग्रामीणों ने कार्य रुकवाकर विकास अधिकारी एवं सहायक अभियंता को शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पिलरों की हालत यह है कि उन्हें पकड़कर हिलाया जाए तो वे हिलने लगते हैं। इसका वीडियो और फोटो भी अधिकारियों को दिखाया गया है।

इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने केवल कार्यालय में बैठे-बैठे ही संबंधित पिलर को गिराकर नया बनाने का मौखिक आदेश ठेकेदार को दे दिया। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि सभी 8 पिलरों की गुणवत्ता खराब है और छत डालने के बाद वे उसका वजन नहीं झेल पाएंगे, जिससे छत गिरने का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों ने सभी पिलरों को हटाकर गुणवत्तापूर्ण सामग्री से पुनः निर्माण कराने की मांग की है, अन्यथा कभी भी जनहानि हो सकती है।

मीडिया के निर्माण स्थल पर पहुंचने के बाद अधिकारी हरकत में आए और आनन-फानन में काम को रोकने के आदेश दिए।

इस संबंध में विकास अधिकारी देवीलाल बलाई ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर सहायक अभियंता को जांच के आदेश दिए गए हैं। सहायक अभियंता मुकेश मीणा ने बताया कि जो पिलर हिल रहा था उसे गिरा दिया गया है और जब तक वे स्वयं निर्माण का निरीक्षण नहीं कर लेते, तब तक कार्य बंद रहेगा। गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही कार्य पुनः शुरू किया जाएगा।

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