बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भारी हिंसा: कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें।
कोलकाता/नई दिल्ली | 7 मई, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों (4 मई) के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा का दौर थमता नज़र नहीं आ रहा है। चुनाव आयोग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख हेडलाइंस (News Headlines)
हिंसा का तांडव: नतीजों के बाद बंगाल के 10 से अधिक जिलों में आगजनी और हिंसक झड़पें।
शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या: उत्तर 24 परगना में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने बताया 'सोची-समझी साजिश'।
चुनाव आयोग की सख्ती: CEC ने मुख्य सचिव और DGP को दिए उपद्रवियों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश।
बुलडोजर एक्शन: कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में TMC कार्यालय पर चला बुलडोजर, तनाव बरकरार।
पलायन का डर: कई इलाकों में विपक्षी कार्यकर्ताओं द्वारा घर छोड़ने की खबरें, सुरक्षा बल तैनात।
विस्तृत रिपोर्ट (Ground Report)
1. कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़:
4 मई को भाजपा की बड़ी जीत (207 सीटें) के बाद से आसनसोल, हावड़ा, बीरभूम, मालदा और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में भारी तोड़फोड़ की खबरें हैं। टीएमसी (TMC) के कई कार्यालयों में आग लगा दी गई है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन पर भी पलटवार हो रहे हैं।
2. मुख्य हत्याएं और मौतें:
अब तक इस हिंसा में कम से कम 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
चंद्रनाथ रथ: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की उनके वाहन में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अबीर शेख (TMC कार्यकर्ता): बीरभूम के नानूर में हत्या, परिजनों ने भाजपा पर लगाया आरोप।
बिस्वजीत पटनायक (TMC एजेंट): बेलेघाटा में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाए गए।
3. प्रशासन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई:
केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। आदेश दिया गया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती जारी रहे और सभी संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जाए।