झालरापाटन में विश्व अस्थमा दिवस पर कार्यशाला: मरीजों, परिजनों को अस्थमा के आधुनिक उपचार, इनहेलर तकनीक की जानकारी दी
झालरापाटन के राजकीय जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर विश्व अस्थमा दिवस पर एक उच्च प्रभाव श्वास रोग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को अस्थमा के आधुनिक उपचार, आपातकालीन प्रबंधन और इनहेलर तकनीक के बारे में जानकारी दी गई।श्वसन रोगों के के बारे में बतायाजिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में फिजिशियन डॉ. मयंक शर्मा, चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार और डॉ. अभिषेक दुबे ने संबोधित किया। उन्होंने श्वसन रोगों की रोकथाम पर भी प्रकाश डाला।इस अवसर पर मरीजों को इनहेलर और नेबुलाइजर का लाइव प्रायोगिक परीक्षण दिखाते हुए सही तकनीक सिखाई गई। एमडीआई, रोटाहेलर, स्पेसर और नेबुलाइजर के सही उपयोग की स्टेप-बाय-स्टेप ट्रेनिंग दी गई। बताया गया कि इनहेलर दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचाते हैं, जिससे दवा की कम मात्रा लगती है और दुष्प्रभाव भी कम होते हैं।डॉ. पाटीदार ने अस्थमा के 'रेड फ्लैग साइन' पर जानकारी देते हुए बताया कि यदि मरीज को लगातार सांस फूलने, बोलने में परेशानी, सीने में अत्यधिक जकड़न, ऑक्सीजन कम होने या रात में बार-बार सांस रुकने जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने पीक फ्लो मॉनिटरिंग, नियमित फॉलो-अप और स्टेप-वाइज ट्रीटमेंट पॉलिसी का महत्व समझाया।अस्थमा का प्रभावी नियंत्रण संभवकार्यशाला में बेसिक से एडवांस उपचार विकल्पों पर जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि अस्थमा का प्रभावी नियंत्रण संभव है। इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड, ब्रोंकोडाइलेटर, कॉम्बिनेशन थेरेपी, नेबुलाइजेशन और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।डॉ. पाटीदार ने गैर-औषधीय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि दवा के साथ जीवन शैली में सुधार भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने धूल, धुआं, ठंडी हवा, मच्छर अगरबत्ती और धूम्रपान से बचने तथा नियमित प्राणायाम, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, साफ-सफाई और धूम्रपान-मुक्त वातावरण बनाए रखने की सलाह दी।स्वास्थ्य कर्मियों को आपातकालीन अस्थमा अटैक प्रबंधन, ऑक्सीजन सिलेंडर की तैयारी और नेबुलाइजेशन सेटअप की ट्रेनिंग दी गई। बच्चों और बुजुर्ग मरीजों में स्पेसर एवं मास्क असिस्टेड थेरेपी के उपयोग के बारे में भी बताया गया।