संकल्प और सम्मान
हवन कुंड की धधकती ज्वालाओं में स्थायी राजधानी गैरसैंण का संकल्प और भी प्रखर होकर सामने आया।
आज के इस विशेष अवसर पर कहीं सम्मान के पल दिखाई दिए, तो कहीं संघर्ष और संकल्प की दृढ़ता।
क्रमिक अनशन के 60वें दिन सभी आंदोलनकारी साथियों को सम्मानित किया गया।
यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, त्याग और जनभावनाओं का अभिनंदन था।
यज्ञ की पवित्र अग्नि के साथ एक बार फिर यह संकल्प दोहराया गया कि स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।