लोकसभा चुनाव 2024 में वोटिंग सिस्टम पर सवाल उठे
भारत: लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी को करीब 36-37% वोट मिले, लेकिन उन्हें 240 सीटें मिलीं, जबकि देश के 60% से ज्यादा लोगों ने वोट नहीं दिया। इस स्थिति ने चुनाव प्रणाली में मौजूद खामियों पर सवाल खड़े किए हैं। फर्स्ट पास्ट द पोस्ट सिस्टम में एक वोट से भी जीत संभव है, जिससे 5-10 हजार वोट के मार्जिन वाली सीटों पर खेल होने की संभावना बढ़ जाती है।
ADR की रिपोर्ट के अनुसार कई सीटों पर जीत का अंतर 50,000 से कम था, और कुछ जगह तो 10,000 से भी नीचे। वोटर लिस्ट में 2-3% की गड़बड़ी से परिणाम पूरी तरह बदल सकता है। 2019 से 2024 के बीच करोड़ों नाम जोड़े या हटाए गए, जिसमें विपक्षी इलाकों में नाम कटने की शिकायतें आईं और सत्ता वाले इलाकों में वोटर बढ़े। हरियाणा में 2019 में बीजेपी को 36% वोट मिले थे, फिर भी सत्ता मिली। चुनाव आयोग द्वारा VVPAT की केवल 5% बूथों पर गिनती और विपक्षी नेताओं पर चुनाव से पहले रेड जैसे मुद्दे लोकतंत्र की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं।
लेख में यह भी कहा गया है कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं बल्कि सिस्टम की सच्चाई की है। पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रक्रिया के बिना लोकतंत्र केवल कागज की बात रह जाएगा। 100% VVPAT मिलान, साफ वोटर लिस्ट और बिना दबाव के चुनाव की मांग की गई है ताकि जनता का भरोसा बढ़ सके।