शिवालय मंदिर देवेंद्रनगर के एक वर्ष पूर्ण होने पर शिवालय परिसर में श्रीराम कथा पुनः गूंजेगी भक्ति रसधारा
देवेन्द्रनगर
नगर के बस स्टैंड स्थित शिवालय मंदिर प्रा
गण में गत वर्ष सम्पन्न हुए भव्य जीर्णोद्धार एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की पावन स्मृतियाँ अभी भी श्रद्धालुओं के मानस पटल पर ताजा हैं। उसी दिव्य आयोजन में राष्ट्रीय कथा वाचक एवं प्रख्यात गौसेवक पूज्य श्री बृजेश जी महाराज द्वारा शिवपुराण कथा का रसपान कराया गया था। अब उस ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पुनः नगर में भक्ति, श्रद्धा और मर्यादा की अलौकिक सरिता प्रवाहित होने जा रही है। शिवालय मंदिर प्रांगण, सिविल लाइन, बस स्टैंड देवेंद्रनगर में आज 6 मई को शिवालय मंदिर से भव्य कलश यात्रा नगर में भ्रमण करते हुए श्रीराम मंदिर देवेंद्रनगर पहुंची जहां पर भगवान का विधि विधान से पूजन अर्चन होने के पश्चात सैकड़ों की संख्या में शामिल महिला पुरुष पीत व सफेद वस्त्र धारण कर भव्य कलश यात्रा में सम्मिलित हुए। बग्घी में सवार होकर राष्ट्रीय कथा वाचक ब्रजेश जी महाराज का श्रद्धालुओं ने जगह जगह आरती पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह भव्य श्रीराम कथा महोत्सव का आयोजन 12 मई तक किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से 8 बजे तक पूज्य श्री बृजेश जी महाराज अपने ओजस्वी एवं भावविभोर कर देने वाले श्रीमुख से भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, धर्म, नीति एवं मानवता के संदेशों का अमृतमय वर्णन करेंगे। नगरवासियों के लिए यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का अवसर माना जा रहा है। पूज्य महाराज जी द्वारा पूर्व में भी देवेंद्रनगर में अनेक बार श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा एवं शिवपुराण का दिव्य वाचन किया जा चुका है, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। उनकी सरल, मधुर एवं जीवनोपयोगी वाणी जनमानस को सहज ही भक्ति भाव से ओतप्रोत कर देती है।धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ पूज्य श्री बृजेश जी महाराज गौसेवा के क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनके द्वारा संचालित गौशाला में निरंतर गौसेवा की जाती है तथा गाय से प्राप्त विभिन्न तत्वों के माध्यम से अनेक आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण भी किया जाता है। महाराज जी द्वारा स्थापित औषधालय में इन औषधियों के माध्यम से अनेक रोगों का उपचार कर जनसेवा का पुण्य कार्य किया जा रहा है। आध्यात्मिक साधना और लोककल्याण का यह अद्भुत समन्वय उन्हें समाज में विशिष्ट सम्मान प्रदान करता है।
आयोजन समिति के अनुसार 6 मई को भव्य कलश यात्रा, 12 मई को हवन-पूजन सम्पन्न होगा। इसके उपरांत 13 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर एवं आसपास क्षेत्र के श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस पुण्य आयोजन में सपरिवार सहभागिता करने की अपील की गई है।