जनता ने तुष्टिकरण की राजनीति को नकाराः डॉ. राजेश्वर सिंह बोले, देश विकास-राष्ट्रवाद के साथ
लखनऊ, 06 मई 2026। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा है कि देश की राजनीति में तुष्टिकरण का दौर अब समाप्त हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब विकास, सुरक्षा और राष्ट्रवाद की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि देश की जनता ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को संरक्षण देने और अपराधियों का महिमामंडन करने वाली राजनीति को अब कोई स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी घबराहट अब जनता के सामने साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तुष्टिकरण का मॉडल पूरी तरह विफल साबित हुआ है। डॉ. सिंह के अनुसार, दुर्गा पूजा पंडालों पर रोक, सड़कों पर नमाज को बढ़ावा और घुसपैठियों को संरक्षण जैसी नीतियों के खिलाफ जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है।डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि देश की जनता अब "मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे गुंडों वाली फातिहा पॉलिटिक्स" को अस्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि लोग अब ऐसी राजनीति चाहते हैं जो विकास, सुरक्षा और भारतीय संस्कृति पर गर्व को प्राथमिकता दे।
उन्होंने प्रभु श्रीराम मंदिर जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि जनता इन्हें भूली नहीं है। डॉ. सिंह ने कहा कि जनता यह भी जानती है कि अतीत में हिंदू देवी-देवताओं का किस तरह उपहास किया गया। इसी कारण विपक्ष अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव न तो अधिकारी जिताते हैं और न हराते हैं, बल्कि जनता ही अंतिम निर्णय करती है।
उन्होंने अंत में कहा कि देश की जनता का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि "हिंदुओं की आस्था की कीमत पर तुष्टिकरण की राजनीति अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।"