राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अनुभव वीथिका का किया लोकार्पण, दिव्यांग बच्चों के लिए बनी खास गैलरी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं इलाहाबाद संग्रहालय समिति की पदेन अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने जनभवन से वर्चुअल माध्यम के जरिए इलाहाबाद संग्रहालय की अनुभव वीथिका का लोकार्पण किया
इस अवसर पर संग्रहालय परिसर से प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (औद्योगिक विकास) नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रभारी निदेशक एवं मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल तथा दिव्यांग बच्चे भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए
अनुभव वीथिका दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा, जिज्ञासा और सृजनशीलता को सामने लाने का एक अनूठा प्रयास है। इस गैलरी में प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत की करीब दस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों को इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि बच्चे उन्हें स्पर्श कर उनके आकार, बनावट और सौंदर्य का अनुभव कर सकें
वीथिका की खासियत यह है कि इसमें बच्चे वन्य जीव-जंतुओं की आकृतियों को छूकर पहचान सकते हैं। साथ ही, ब्रेल लिपि में उपलब्ध विवरण इसे और अधिक सुलभ बनाता है, जिससे दिव्यांग विद्यार्थी स्वयं पढ़कर और समझकर ज्ञान अर्जित कर सकें। इसे दिव्यांगजनों के लिए संग्रहालयों में अपनी तरह की पहली गैलरी बताया जा रहा है
राज्यपाल ने वीथिका का वर्चुअल भ्रमण करते हुए बच्चों से संवाद भी किया। बच्चों ने राम मंदिर अयोध्या और सांची स्तूप की आकृतियों को स्पर्श कर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होंने इन धरोहरों को प्रत्यक्ष देख लिया हो
राज्यपाल ने बच्चों को लेखन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे राम मंदिर और सांची स्तूप जैसे विषयों पर चर्चा कर बच्चों को उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराएं
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोक्सो एक्ट के तहत बाल संरक्षण से जुड़े प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों के लिए ब्रेल लिपि में स्पर्शनीय आकृतियों वाली विशेष पुस्तकों के निर्माण, आवाज पहचानने की व्यवस्था और संगीत शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उनका समग्र विकास हो सके
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने राज्यपाल को अपने विद्यालय आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए जल्द ही आने का आश्वासन दिया