"सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा"' पुस्तक का विमोचन सम्पन्न बल्ली सिंघा वंदना यादव ने किया धन्यवाद
चंडीगढ बुधवार 06 05 2026--- मोनिका शर्मा आभा रक्षत शर्मा अनिल शारदा प्रस्तुति--- स्थानीय सेक्टर 7 स्थित 'द हेजहॉग कैफ़े' में आज पुस्तक परिचर्चा में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। 'सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा' पुस्तक पर बात करने के लिए पुस्तक की संपादक वन्दना यादव, लेखिका बल्ली सिंघा, अनिंदर मान एवं कैप्टन सुखजीत सनेवाल उपस्थित थीं। कार्यक्रम का सफल संचालन शिवानी यादव ने किया। सवाल-जवाब सत्र में उपस्थित जन समूह ने संपादक एवं लेखकों से जीवन से जुड़े चुनौतीपूर्ण सवाल किये गए। बल्ली सिंघा ने अपने विस्तृत जीवन अनुभव के बारे में अल्फा न्यूज़ इंडिया की कलमकार मोनिका शर्मा आभा से बात करते हुए कहा कि वह सैनिक की बेटी और सैनिक की पत्नी है। बल्ली जी ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर को उस दौर में भी देखा था जब दोनों देशों के बीच कंटीले तार नहीं बिछाये गये थे। अपने भारत एवं विदेशी पोस्टिंग के अनुभव साझा किये। अनिंदर (अनु) मान ने सैनिक जीवन में अलग-अलग स्थानों पर पोस्टिंग के समय भाषाई भेद के साथ सामंजस्य बैठाने, बच्चों की पढ़ाई के समय पति से दूर रहते हुए परिवार संभालने के अनुभव साझा किये। कैप्टन सुखजीत सनेवाल सेना में महिला अधिकारियों के प्रथम बैच से हैं। आपने सेना अधिकारी से सैनिक की पत्नी होने के अनुभव पुस्तक में लिखे भी हैं और उन्हें आज शाम साझा भी किया। वन्दना यादव 'सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा' पुस्तक की संपादिका है। इस श्रंखला की यह दूसरी पुस्तक है जिसका आपने संपादन किया है। वंदना यादव ने स्थानीय सीनियर जर्नलिस्ट आरके विक्रमा शर्मा को जानकारी देते हुए बताया कि पूरे भारत से अनेक डायरीज प्राप्त हुई थीं। मगर मुझे आम पत्नी की डायरी नहीं लेनी थी। यह पुस्तक सैनिक पत्नियों का डायरी संग्रह है। इसीलिए इस जीवन के अलग ही किस्म के अनुभवों का दस्तावेजीकरण किया जाना था। सभी डायरीज में से चुन चुन कर वंदना यादव ने बेहतरीन गुलदस्ता भेंट किया। अल्फा न्यूज़ इंडिया की कलमकार मोनिका शर्मा आभा ने वंदना यादव सहित सैन्य पत्नियां और उपस्थित महिलाओं को आज की महिला एकत्रिता पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए सबके स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना की।