पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और भाजपा के रिश्तों पर सियासी विवाद
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पुराने संबंधों को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। 1997 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई और वामपंथी दलों के खिलाफ भाजपा के साथ गठबंधन किया। 1999 में वे एनडीए सरकार में रेल मंत्री बनीं, जिससे दोनों दलों के बीच नजदीकी स्पष्ट हुई। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उस समय भाजपा को बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत करने का मौका मिला।
टीएमसी का दावा है कि भाजपा के साथ गठबंधन केवल वामपंथ को हटाने की रणनीति थी, न कि स्थायी साझेदारी। वर्तमान में टीएमसी और भाजपा के बीच सीधी टक्कर चल रही है, जहाँ भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की है और ममता बनर्जी सत्ता में बनी हुई हैं। विपक्षी दल टीएमसी पर भाजपा को अप्रत्यक्ष फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हैं, जबकि टीएमसी भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के आरोप लगाती है। यह राजनीतिक टकराव भविष्य में और तेज होने की संभावना है।