दुष्यंत चौटाला को दोशी ठहराना अनुचित है: षड्यंत्र की बात
यह है असलियत लेकिन केवल दुष्यंत चौटाला को ही दोशी माना जाता है जबकि उनके पास पुलिस वाला कोई महकमा नहीं था। यह षड्यंत्र अंदर नहीं तो और क्या है और इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
मामले में दुष्यंत चौटाला के खिलाफ केवल आरोप ही लगाए जा रहे हैं जबकि उनके नियंत्रण में कोई पुलिस विभाग नहीं था। इस स्थिति को षड्यंत्र के रूप में देखा जा रहा है, जिसके बारे में स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।