नगर निगम चुनाव-2026 के लिए ईवीएम की दूसरी व अंतिम रैंडमाइजेशन प्रक्रिया सम्पन्न
मेयर व पार्षद पदों के लिए ईवीएम मशीनों का चयन, 9 मई को पोलिंग पार्टियों को होगा वितरण - जिला निर्वाचन अधिकारी
पोलिंग स्टाफ को दिया गया ईवीएम संचालन व चुनावी प्रक्रिया का प्रशिक्षण
पंचकूला, 6 मई : राज्य चुनाव आयोग द्वारा नामित सामान्य पर्यवेक्षक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री डी. सुरेश, उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सतपाल शर्मा, रिटर्निंग अधिकारी श्री संयम गर्ग तथा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आज लघु सचिवालय के सभागार में नगर निगम चुनाव-2026 के लिए ईवीएम मशीनों की दूसरी एवं अंतिम रैंडमाइजेशन प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
इस प्रक्रिया के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनें तथा 41 रिजर्व मशीनें और पार्षद पद के लिए 204 ईवीएम मशीनें तथा 58 रिजर्व मशीनों का चयन किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सतपाल शर्मा ने बताया कि अंतिम रैंडमाइजेशन के उपरांत 9 मई को ईवीएम मशीनें पोलिंग पार्टियों को सौंप दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैंडमाइजेशन एक पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सभी उम्मीदवारों को चुनाव प्रक्रिया के प्रति पूर्ण संतुष्टि प्रदान करना है।
उन्होंने आगे बताया कि आज इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 में पोलिंग स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें चुनावी प्रक्रिया, प्रपत्र भरने तथा ईवीएम मशीनों के संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि नगर निगम चुनाव-2026 के अंतर्गत 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर दो ईवीएम मशीनें लगाई जाएंगीएक मेयर पद के लिए और दूसरी पार्षद पद के लिएताकि मतदाता अलग-अलग वोट डाल सकें।
उन्होंने बताया कि जिले में ईवीएम मशीनों की समय-समय पर फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की जाती है, जिससे उनकी पूर्ण कार्यशीलता सुनिश्चित होती है। चुनावों में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रैंडमाइजेशन प्रक्रिया को कम्प्यूटरीकृत किया गया है।
बैठक में आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से पालन और चुनावी व्यय से संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मेयर पद के उम्मीदवार के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये तथा पार्षद पद के लिए 7.50 लाख रुपये खर्च की सीमा निर्धारित की गई है। प्रत्येक उम्मीदवार को अपने व्यय रजिस्टर की जांच कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, मतगणना के एक माह के भीतर सभी उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का विस्तृत विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम चुनावों के लिए डीईटीसी, पंचकूला को व्यय प्रेक्षक (एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर) नियुक्त किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि चुनावी सभाओं एवं रैलियों के आयोजन से पूर्व आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए उम्मीदवार लघु सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर स्थित एसडीएम कोर्ट रूम में बनाए गए हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि रैली और जनसभाओं के लिए निर्धारित स्थानों की जानकारी सभी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों को पूर्व में ही उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही, चुनाव प्रचार के दौरान बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाने के लिए स्थान एवं आकार भी निर्धारित किए गए हैं।
इस अवसर पर नगराधीश जागृति, सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल पराशर, सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं नायब तहसीलदार प्रद्युम्न, सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी सुनील जाखड़, इलेक्शन तहसीलदार अजय राठी, इलेक्शन कानूनगो कुलदीप सिंह, डीआईओ कार्यालय से अनिल छाबड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।