लखनऊ | उत्तर प्रदेश में नई तबादला नीति लागू
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नई तबादला नीति लागू कर दी है, जिसके तहत प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि राज्य में 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे। इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं।
क्या हैं प्रमुख नियम:
- समूह क और ख के अधिकारियों के लिए तबादला नीति लागू
- किसी जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल की तैनाती पूरी होने पर ट्रांसफर संभव
- कुल तबादलों की संख्या 20% सीमा के भीतर रखी जाएगी
- 20% से अधिक तबादलों के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य
कर्मचारियों के लिए प्रावधान:
- समूह ख के कर्मचारियों के तबादले विभागाध्यक्ष (HOD) द्वारा किए जाएंगे
- विभागीय मंत्री से विचार-विमर्श के बाद निर्णय होगा
- समूह ग और घ के कर्मचारियों के तबादले भी विभागाध्यक्ष की अनुमति से होंगे
विशेष प्रावधान:
- पति-पत्नी को एक ही जिले में तैनाती देने पर जोर
- यह तबादला नीति सचिवालय पर लागू नहीं होगी
सरकार का कहना है कि इस नीति से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की तैनाती अधिक संतुलित तरीके से की जा सकेगी।