भृगु नंदी नाड़ी में ग्रहों के प्रभाव की विस्तृत व्याख्या
भृगु नंदी नाड़ी (BNN) के अनुसार, ग्रह केवल अपनी जगह पर नहीं रहते, बल्कि उनकी चाल और दृष्टि का क्षेत्र बहुत व्यापक होता है। 1-5-9 त्रिकोण में ग्रह अपने त्रिकोण के साथियों से संपर्क करता है।
3-7-11 स्थानों पर ग्रह सामने और पास के ग्रहों से संबंध बनाते हैं, जबकि 2-12 स्थानों पर वे अपने आगे और पीछे वाले घरों पर भी नजर रखते हैं। जेलर असरानी द्वारा कही गई बात, 'आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ और बाकी हमारे पीछे आओ', के समान BNN में ग्रह अपने प्रभाव को चारों दिशाओं में फैलाते हैं।