हरियाणा: नरेश गुणपाल ने रजत कल्सन के खिलाफ भेदभावपूर्ण टिप्पणियों की निंदा की
हिसार/हरियाणा: आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश गुणपाल ने वरिष्ठ अधिवक्ता रजत कल्सन के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी करने वाले फर्जी साध्वी और फर्जी पत्रकारों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जातिवादी मानसिकता के कारण ये लोग रजत कल्सन की लोकप्रियता देखकर बौखलाए हुए हैं और अनाप-शनाप बयान देकर अपनी वाह-वाही बटोरना चाहते हैं। नरेश गुणपाल ने पत्रकारिता के उद्देश्य को समाज को नई दिशा दिखाने वाला बताया।
उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि पुलिस किसी भी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की फोटो और वीडियो सार्वजनिक नहीं कर सकती क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार के साथ सम्मान और गरिमा के अधिकार की भी रक्षा करता है। पुलिस द्वारा दलित समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता रजत कल्सन को जमीन पर बैठाकर फोटो खींचकर प्रसारित करना इस अनुच्छेद का खुला उल्लंघन है। नरेश गुणपाल ने फर्जी साध्वी और फर्जी पत्रकारों द्वारा इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणियों को दलित समाज के खिलाफ ठेस बताया, जिसे दलित समाज सहन नहीं करेगा।