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लखनऊ में ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर उमड़ी आस्था की लहर, मंदिरों में भक्तों का सैलाब

इसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
ब्यूरो चीफ: संदीप शास्त्री

लखनऊ। ज्येष्ठ मास के पहले बड़े मंगल के अवसर पर राजधानी लखनऊ पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और सेवा के रंग में रंगी नजर आई। तड़के सुबह से ही शहर के कोने-कोने में जय श्री राम और बजरंगबली की जय के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। मंदिरों में सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का आयोजन हुआ, वहीं श्रद्धालुओं की लंबी कतारें आस्था का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करती रहीं।

बड़े मंगल की परंपरा के तहत शहरभर में भंडारे, विशेष पूजन-अर्चन और धार्मिक आयोजन किए गए। अलीगंज स्थित नए हनुमान मंदिर में वर्षों पुरानी गुड़-धनिया प्रसाद वितरण की परंपरा को इस बार भी पूरे उत्साह के साथ निभाया गया। मंदिर समिति के सचिव राजेश पांडेय के अनुसार, भुने गेहूं और गुड़ से तैयार विशेष प्रसाद वितरित कर नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। मंदिर के कपाट सोमवार मध्यरात्रि में ही खोल दिए गए थे, जिसके बाद से श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही।

अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर में भी आधी रात से ही दर्शन शुरू हो गए थे। यहां लेटकर परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं, ताकि उन्हें पहले दर्शन का अवसर मिल सके। हनुमान सेतु मंदिर के आचार्य चंद्रकांत द्विवेदी ने बताया कि सुबह होते-होते भीड़ अपने चरम पर पहुंच गई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं।

हनुमान सेतु मंदिर, पक्का पुल स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, लेटे हनुमान मंदिर, बीरबल साहनी मार्ग का पंचमुखी हनुमान मंदिर, चौक और तालकटोरा के बालाजी हनुमान मंदिर समेत शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की गई। जगह-जगह पूड़ी-सब्जी, बूंदी, कढ़ी-चावल और शरबत के भंडारे लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा भाव का अनुभव किया।

आलमबाग के मौनी बाबा मंदिर में सुंदरकांड पाठ के साथ भंडारा आयोजित हुआ, वहीं त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर में पूड़ी-सब्जी व शरबत का वितरण किया गया। तालकटोरा रोड स्थित बालाजी मंदिर में इस बार भगवान का सोने-चांदी के वर्क से विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
बड़े मंगल के इस पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब, आस्था और सेवा की मिसाल बनकर उभरी, जहां हर वर्ग के लोग एकजुट होकर बजरंगबली की भक्ति में लीन नजर आए।

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