पश्चिम बंगाल में TMC के हिंदुओं पर अत्याचार और सोशल मीडिया की भूमिका
पश्चिम बंगाल: पिछले 6 वर्षों से TMC के कैडर द्वारा हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों की मुख्यधारा की मीडिया ने लगभग कोई रिपोर्टिंग नहीं की। बलात्कार, आगजनी और अन्य हिंसात्मक घटनाओं के बावजूद न्यूज़ चैनल और अखबारों ने इन पीड़ाओं को उजागर नहीं किया। सोशल मीडिया ने इस स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां छोटे-बड़े यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने गांव-गांव जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की और हिंदुओं की कराहट को जन-जन तक पहुंचाया।
पश्चिम बंगाल में सोशल मीडिया के प्रयासों से केंद्र सरकार को सूचित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव के दौरान 2,40,000 CASF जवान तैनात किए गए, 400 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले हुए, और DGP को भी हटाया गया। इस प्रक्रिया में बहन अर्चना तिवारी, अजित भारती, अभिषेक तिवारी, दीपक शर्मा, संजय दीक्षित, संजय शांडिल्य, आप इंडिया, पैम्फलेट जैसे चैनलों और कम से कम 50 यूट्यूबर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुदर्शन न्यूज़ ने भी इस दौरान अपना फर्ज निभाया। सोशल मीडिया के बिना ममता बनर्जी का सत्ता में बने रहना संभव था।