पश्चिम बंगाल: चुनाव नतीजों के बाद सियासी घमासान, ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा घमासान मच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बावजूद, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है।
ममता बनर्जी का बयान: > "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम जनादेश से नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश के तहत हारे हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है।"
मुख्य बिंदु
चुनावी परिणाम: बंगाल में TMC केवल 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा ने 207 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
व्यक्तिगत हार: ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट से भी हार गई हैं।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों (CRPF और CISF) और भाजपा ने मिलकर चुनावी प्रक्रिया में धांधली की। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 100 सीटें "चुराई" गईं और मतदाता सूची (Voter List) से लगभग 90 लाख नाम हटा दिए गए।
इंडिया गठबंधन का समर्थन: उन्होंने जानकारी दी कि इस संकट की घड़ी में इंडिया गठबंधन (INDIA bloc) के कई शीर्ष नेताओं ने उनसे फोन पर बातचीत की है, और वे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
संवैधानिक पहलू और आगे की हलचल
संवैधानिक स्थिति: संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत, जब तक किसी नेता के पास विधानसभा का बहुमत नहीं है, तब तक वे पद पर नहीं रह सकते। पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
भाजपा की प्रतिक्रिया: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता के बयान को संविधान विरोधी बताया है। उन्होंने ममता को भवानीपुर सीट से हराया है।
सरकार गठन की तैयारी: भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई 2026 को होने की संभावना है।