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पुराना वीडियो वायरल: राजीव कुमार के बयान को बंगाल चुनाव 2026 से जोड़कर फैलाया गया भ्रम

नई दिल्ली/कोलकाता:
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार टीवी न्यूज़ चैनलों द्वारा वोटों की असली गिनती शुरू होने से पहले ही रुझान (trends) दिखाए जाने पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है।

क्या है दावा?
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि राजीव कुमार हालिया बंगाल चुनावों में सुबह 8:30 बजे गिनती शुरू होने से पहले ही 8:05 बजे से नतीजे दिखाने पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर यह भी पूछा जा रहा है कि वे अब तक चुप क्यों थे?

क्या है सच्चाई?
जांच में सामने आया है कि यह वीडियो हालिया चुनावों से जुड़ा नहीं है। यह दरअसल 15 अक्टूबर 2024 का है, जब चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों का शेड्यूल घोषित करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह पूरा वीडियो चुनाव आयोग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस का संदर्भ:
करीब 26:45 मिनट पर ANI के पत्रकार ने लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल और उनके नतीजों से अलग होने पर सवाल उठाया था। इसके बाद 29:11 मिनट से राजीव कुमार ने जवाब देना शुरू किया और 30:27 मिनट पर एग्जिट पोल व मीडिया कवरेज पर अपनी टिप्पणी दी।

क्या कहा था राजीव कुमार ने?
उन्होंने कहा था कि एग्जिट पोल केवल एक उम्मीद (expectation) बनाते हैं, जिससे वास्तविक नतीजों के पहले ही एक तरह का डिस्टॉर्शन (विकृति) पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इस पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
साथ ही उन्होंने सवाल उठाया था कि जब आधिकारिक गिनती 8:30 बजे शुरू होती है, तो उससे पहले रुझान दिखाना कैसे संभव हैइसे उन्होंने नॉनसेंस (बकवास) करार दिया।

निष्कर्ष:
फैक्ट चेक से स्पष्ट है कि राजीव कुमार का यह बयान 2024 का है और इसे 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों से जोड़कर गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा है। ऐसे भ्रामक दावों से बचने और सही जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है।

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