कानूनी विकल्प जब जांच अधिकारी गलत चार्जशीट दायर करे
जनपद एवं सत्र न्यायालय: यदि जांच अधिकारी (IO) गलत विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में भेज देता है, तो पीड़ित के पास कई कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं। सबसे पहले, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत हाई कोर्ट में क्वैशिंग याचिका दायर की जा सकती है, जिसमें चार्जशीट को रद्द करने की मांग की जाती है यदि आरोप कानूनन सही नहीं हैं या ठोस सबूत नहीं हैं।
इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट में डिस्चार्ज अर्जी लगाकर जज को यह बताया जा सकता है कि पुलिस के साक्ष्य मुकदमे के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यदि जांच में महत्वपूर्ण सबूत नजरअंदाज हुए हों, तो मजिस्ट्रेट से पुनः जांच या अग्रिम जांच की मांग की जा सकती है। जांच अधिकारी के खिलाफ एसएसपी, पुलिस कमिश्नर या विजिलेंस विभाग में शिकायत भी की जा सकती है। यदि पुलिस ने झूठे साक्ष्य बनाए हैं, तो BNSS की धारा 251 के तहत कार्रवाई की मांग की जा सकती है।