जबसे आधार लिंकिंग सिस्टम भारत में आया है तब से साईबर Crime गतिविधियों वृद्धि हुआ है अपनी राय दीजिए Dr Md Firoz Alam
आधार लिंकिंग सिस्टम लागू होने के बाद डिजिटल सेवाओं का दायरा बहुत तेजी से बढ़ा हैबैंकिंग, मोबाइल सिम, सरकारी योजनाएं, UPI, ऑनलाइन KYC आदि। इसके साथ ही साइबर अपराध के तरीके भी बढ़े और अधिक संगठित हुए हैं। इसलिए यह कहना कि आधार लिंकिंग के बाद साइबर क्राइम गतिविधियों में वृद्धि हुई है एक सामाजिक और तकनीकी चिंता के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि साइबर अपराध बढ़ने का कारण केवल आधार नहीं है। इसके पीछे कई अन्य बड़े कारण हैं, जैसे:
तेजी से बढ़ता इंटरनेट और स्मार्टफोन उपयोग
ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का विस्तार
लोगों में साइबर जागरूकता की कमी
फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और KYC स्कैम
डेटा लीक और थर्ड पार्टी ऐप्स का दुरुपयोग
सोशल मीडिया और AI आधारित धोखाधड़ी
आधार से जुड़े कुछ आम साइबर फ्रॉड इस प्रकार हैं:
फर्जी KYC अपडेट कॉल
आधार बंद हो जाएगा कहकर OTP मांगना
बायोमेट्रिक क्लोनिंग या अनधिकृत उपयोग
नकली UIDAI वेबसाइट और ऐप
बैंक खाते से आधार लिंकिंग के नाम पर ठगी
सरकार और Unique Identification Authority of India ने सुरक्षा के लिए कई कदम भी उठाए हैं, जैसे:
Virtual ID (VID)
Masked Aadhaar
बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा
OTP आधारित सत्यापन
आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखने की सुविधा
सुरक्षा के लिए नागरिकों को यह सावधानियां रखनी चाहिए:
किसी को OTP या आधार नंबर साझा न करें
केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप का उपयोग करें
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
बायोमेट्रिक लॉक सुविधा चालू रखें
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या Indian Cyber Crime Coordination Centre पोर्टल पर शिकायत करें
यह विषय डिजिटल गोपनीयता, डेटा सुरक्षा और नागरिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर संतुलित और तथ्यात्मक चर्चा जरूरी है।