अरविन्द अकेला कल्लू की सफलता में पिता चुनमुन चौबे का योगदान
भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बना चुके अरविन्द अकेला कल्लू की सफलता के पीछे उनके पिता चुनमुन चौबे का अथाह संघर्ष और समर्पण छिपा हुआ है। बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी करते हुए भी चुनमुन चौबे अपने गांव और संस्कृति से जुड़े रहे और सरस्वती पूजा के अवसर पर गांव में आयोजित नाटकों में भाग लेते थे। इस वातावरण ने कल्लू के अंदर कला और अभिनय की रुचि पैदा की।
जब चुनमुन चौबे ने अपने बेटे की प्रतिभा को पहचाना, तो उन्होंने अपनी रिक्शा और साइकिल की दुकान बंद कर पूरी तरह से अरविन्द अकेला कल्लू के करियर को संवारने में जुट गए। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनके समर्पण और मेहनत ने कल्लू को भोजपुरी संगीत और फिल्मों में मजबूत स्थिति दिलाई। आज कल्लू भोजपुरी के बड़े सितारों में गिने जाते हैं और लाखों दिलों पर राज करते हैं।