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बिलासपुर: जनदर्शन में उमड़ी भारी भीड़, अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे सैकड़ों ग्रामीण

बिलासपुर। न्यायधानी के कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक 'जनदर्शन' कार्यक्रम में आज उस वक्त गहमागहमी की स्थिति निर्मित हो गई, जब जिले के दूर-दराज इलाकों से आए ग्रामीणों और शहरवासियों का भारी हुजूम अपनी समस्याओं को लेकर उमड़ पड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।
प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहा जनदर्शन
जनदर्शन में पहुँचे अधिकांश आवेदकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे हावी रहे:
राजस्व मामले: सीमांकन, नामांतरण और ज़मीनी विवादों से जुड़े लंबित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई की मांग।
राशन कार्ड और पेंशन: वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन की रुकी हुई किस्तों और नए राशन कार्ड बनवाने की लंबी प्रक्रिया पर आक्रोश।
पेयजल और बिजली: गर्मी की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गहराते जल संकट और ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें।
अतिक्रमण: सार्वजनिक रास्तों और नालियों पर अवैध कब्ज़े की शिकायतों का अंबार।
प्रशासन की मुस्तैदी
भीड़ को देखते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही उपस्थित रहने के निर्देश दिए। कई छोटे मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि गंभीर शिकायतों के लिए संबंधित विभागों को समय-सीमा (Time-limit) के भीतर रिपोर्ट सौंपने और कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।
"हमारा लक्ष्य है कि दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को बार-बार मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री की जा रही है ताकि उनकी प्रगति की निगरानी की जा सके।"
प्रशासनिक अधिकारी, बिलासपुर
ग्रामीणों की आस
कलेक्ट्रेट पहुँचे ग्रामीणों का कहना है कि जनदर्शन उनकी समस्याओं को सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। हालांकि, भीड़ की अधिकता के कारण टोकन वितरण और अपनी बारी के इंतजार में लोगों को घंटों तपती गर्मी में खड़ा रहना पड़ा, जिससे कुछ अव्यवस्था भी देखी गई।

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