डीएम के आदेशों की खुलेआम धज्जियां: बिना हेलमेट धड़ल्ले से मिल रहा तेल, प्रशासन बना मूकदर्शक!
इटवा, सिद्धार्थनगर (राज्य का भविष्य संवाददाता) जिले में कानून और 'नियम' शायद सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के नो हेलमेट नो तेल के सख्त निर्देशों को इटवा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों ने मजाक बना दिया है। प्रशासन के दावों के उलट, जमीनी हकीकत यह है कि क्षेत्र के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट वाले चालकों को बिना किसी हिचक के पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। ताजा तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें बहुसंख्यक बाइक सवार बिना हेलमेट के मौजूद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पंप कर्मी डीएम के आदेशों का पालन कराने के बजाय, बेखौफ होकर इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि पेट्रोल पंप संचालकों के मन में न तो प्रशासन का कोई खौफ है और न ही जनता की सुरक्षा के प्रति कोई जिम्मेदारी क्या प्रशासन की सख्ती सिर्फ दिखावा है?
जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कड़ा नियम लागू किया था। लेकिन इटवा क्षेत्र में जिस तरह से इन आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वह स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
बड़ा सवाल है कि क्या पेट्रोल पंपों की इस मनमानी पर प्रशासन की चुप्पी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी इन पेट्रोल पंपों पर सिर्फ कागजी चेतावनी देकर शांत बैठ जाएंगे या लाइसेंस निरस्त करने जैसी कोई ठोस कार्रवाई भी होगी?
सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ सकता है भारी
सड़क सुरक्षा केवल एक नारा नहीं, बल्कि जान बचाने का एक जरिया है। जब पंप संचालक ही नियमों को ठेंगा दिखाने लगें, तो आम जनता से अनुशासन की उम्मीद कैसे की जा सक