शिक्षा के बाजारीकरण पर अभिभावकों का आक्रोश: मोटी फीस और ट्यूशन के बोझ से दबे मध्यम वर्गीय परिवार, प्रशासन मौन!
सारंगढ़-बिलाईगढ़ (AIMA Media) | दिनांक: 05 मई 2026
रिपोर्ट: शिक्षा का मंदिर या 'लूट' का केंद्र?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में इन दिनों निजी स्कूलों की मनमानी ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। बढ़ती महंगाई के बीच स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस में बढ़ोतरी और ट्यूशन का अनावश्यक दबाव, अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक 'एनोनिमस' (गुमनाम) मास्क वाली तस्वीर वायरल हो रही है, जो इस 'चुप्पी' और 'डर' के माहौल में अभिभावकों के दबे हुए गुस्से को बयां कर रही है।
फीस के नाम पर 'हिडन' वसूली
अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल 'विकास शुल्क' (Development Fee), 'एक्टिविटी चार्ज' और 'मिसलेनियस' जैसे नाम देकर हर साल फीस में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि कर देते हैं। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "फीस भरने के बाद भी स्कूल प्रबंधन का जोर इसी बात पर रहता है कि बच्चा स्कूल के ही शिक्षकों के पास ट्यूशन पढ़े। यदि बच्चा ट्यूशन नहीं लेता, तो उसके इंटरनल मार्क्स कम कर दिए जाते हैं।"
प्रशासनिक सुस्ती का फायदा
छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के स्पष्ट नियम होने के बावजूद, स्थानीय स्तर पर इनका पालन नहीं हो पा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में कई बार शिकायतें देने के बाद भी, स्कूलों के बही-खातों की ऑडिट करने या फीस निर्धारण समिति (Fee Regulation Committee) का गठन करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसी प्रशासनिक सुस्ती का फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।
क्या है 'एनोनिमस' विरोध?
सोशल मीडिया पर 'AIMA Media' के माध्यम से सामने आई एक तस्वीर, जिसमें एक मास्क पहने छात्र/अभिभावक को शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते दिखाया गया है, यह दर्शाती है कि समाज अब जाग रहा है। यह तस्वीर शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ एक 'साइलेंट प्रोटेस्ट' (मौन विरोध) का प्रतीक बन गई है।
AIMA Media की मांग:
फीस का ऑडिट: तत्काल प्रभाव से क्षेत्र के बड़े निजी स्कूलों के शुल्क संरचना की जांच हो।
समिति का गठन: स्कूल फीस निर्धारण समिति में अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
ट्यूशन पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या शिक्षकों द्वारा जबरन ट्यूशन पढ़ाने की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
क्या आप भी पीड़ित हैं?
'AIMA Media 24' इस मुद्दे पर लगातार पड़ताल कर रहा है। यदि आपके साथ या आपके स्कूल में ऐसी कोई 'लूट' हो रही है, तो हमें बताएं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। हमें साक्ष्य (फीस रसीद, मैसेज या अन्य प्रमाण) के साथ संपर्