ओल चिकी लिपि के जनक, संथाली भाषा के महान साहित्यकार पंडित रघुनाथ मुर्मू जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।उन्होंने केवल एक लिपि नहीं रची, बल्कि आदिवास
ओल चिकी लिपि के जनक, संथाली भाषा के महान साहित्यकार पंडित रघुनाथ मुर्मू जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उन्होंने केवल एक लिपि नहीं रची, बल्कि आदिवासी अस्मिता को शब्द दिए, संस्कृति को स्वर दिया और पहचान को नई दिशा दी।
आज झारखण्ड उनकी उसी विरासत को आत्मसात करते हुए अपनी जड़ों से जुड़कर, नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।