भरतपुर गेट चौकी विवादों में: साठगांठ के आरोप, पीड़ित परिवार पर ही कार्रवाई से उठे सवाल
मथुरा। भरतपुर गेट चौकी एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियो में है। चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा पर पीड़ित परिवार ने सीधे-सीधे पक्षपात, लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए हैं, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि करीब 15 दिन पहले उन्होंने समीर पुत्र ग्यास निवासी मनोहरपुर (पानी की टंकी, थाना कोतवाली) के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन चौकी इंचार्ज ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि उनकी शिकायत को जानबूझकर दबा दिया गया।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 4 मई 2026 को समीर द्वारा प्रार्थना पत्र देने के कुछ ही घंटों में पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष के ही एक व्यक्ति का चालान कर दिया। आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के, एकतरफा कार्रवाई करते हुए बेगुनाह को आरोपी बना दिया गया।
परिवार का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम पुलिस और दूसरे पक्ष के बीच कथित साठगांठ की ओर इशारा करता है। उनका आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने पहले शिकायत को नजरअंदाज किया और बाद में दूसरे पक्ष के दबाव में आकर तुरंत कार्रवाई कर दी।
अगर पुलिस इसी तरह एकतरफा कार्रवाई करती रही, तो आम जनता का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ सकता है।
जांच की मांग तेज
पीड़ित परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।