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वसई विजयोत्सव में बच्चों की जान से खिलवाड़? महापुरुष गौतम बुद्ध का अपमान कैमरे मे कैद!

वसई विजयोत्सव में बच्चों की जान से खिलवाड़? महापुरुष गौतम बुद्ध का अपमान कैमरे मे कैद!

वसई विरार (युसुफ अली बोहरा) वसई के इतिहास मे दर्ज वसई किल्ले पर नर वीर चिमाजी अप्पाजी द्वारा विजय हांसिल किये जाकर वसई को पुर्तगालियो से मुक्त करवाए जाने की ऐतिहासिक घटना का स्मरण करते हुए प्रति वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर वसई विरार मनपा प्रशासन द्वारा वसई विज्योत्सव का आयोजन धूम धाम से किया जाता है इस वर्ष भी शुक्रवार 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के दिन बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष्य मे वसई विरार मनपा प्रशासन द्वारा तीन दिवसीय 288 वें वसई विज्योत्सव के आयोजन का उदघाटन वसई किल्ला परिसर मे किया गया. प्रति वर्ष की भांति इस बार भी कार्यक्रम की शुरुआत मशालयात्रा से की गई जो मशालयात्रा दोपहर 3 बजे वज्रेश्वरी योगिनिदेवी मंदिर से शुरू होकर पहले परनाका तक लाई गई बाद मे पारनाका से वसई किल्ला परिसर ढ़ोल ताशो के साथ पहुंची मशालयात्रा के बाद सांयकाल को किल्ला परिसर मे बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किल्ले मे बनी चिमाजी अप्पाजी के भव्य स्मारक पर माल्यार्पण किया गया फिर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गए साथ ही जो लगातार तीन दिनों तक जारी रहे इसी विज्योत्सव मे किल्ला परिसर मे विभिन्न महिला बचतगटो को अपने स्टॉल लगाए जाने की व्यवस्था की गई साथ ही छोटे बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, टॉय ट्रेन आदि का बंदोबस्त किया गया.
इस कार्यक्रम मे मनपा प्रशासन की तैयारी मे लापरवाही सामने आई महापुरुष गौतम बुद्ध के अपमान का आभास हुआ वही नन्हे बच्चों की जान से खिलवाड़ की बड़ी तस्वीर कैमरे मे कैद हुई दरअसल इस कार्यक्रम की कवरेज करने स्थानिक रिपोर्टर ज़ब वसई किल्ला परिसर मे पहुंचे तब उन्होंने देखा की मनपा प्रशासन ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भले भी महापुरुष गौतम बुद्ध जिन्हे भगवान का दर्जा दिया जाता है उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पण करने की व्यवस्था की थी लेकिन उनकी जो प्रतिमा लगाई गई थी वह उनके कद के सामने एकदम बौनी थी मनपा द्वारा एक अदद मूर्ति की व्यवस्था नहीं की जाकर सिर्फ के कार्ड बोर्ड पर गौतम बुद्ध का कटआउट बना कर उसे वहा निचे रख दिया गया यहां तक की उस कटआउट को सहारा दिए जाने यहां वहा से पत्थर उठा कर रखे गए जो अपने आप मे मनपा की तैयारियों की पोल खोलते दिखाई दिए हजारों करोड़ रूपये बजट वाली मनपा के इस कृत्य की चर्चा दबी जबान मे हर कोई कर रहा था बस कोई कैमरे के सामने आने की हिम्मत नहीं कर सका. मनपा की इस एक खामी के बाद अगली एक और खामी की बात करे तो आपको बताते चले की बच्चों के खेलने हेतु मंगवाई गई टॉय ट्रेन को उसके ऑपरेटर द्वारा ज़ब वहा स्थापित किया जा रहा था तभी उसके बॉक्स मे से धुआँ निकल रहा था जिसका सबूत अपने कैमरे मे कैद किया है दो तीन प्रयासों के बाद भी ज़ब वह बॉक्स स्थापित नहीं किया जा सका तब ऑपरेटर ने दूसरा बॉक्स स्थापित किया वही ऑपरेटर द्वारा खुले तार से टॉय ट्रेन संचालित किया जाना भी संभावित बड़े हादसे का कारण बन सकता था. साथ ही नरवीर चिमाजी अप्पाजी के स्मारक से सटे एक झाड पर मधुमक्खी का छत्ता था जो भी मधुमक्खी के भड़क उठने पर लोगों के लिए घातक साबित हो सकता था.

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