बुरहानपुर: महंगी गैस से जंगलों पर संकट, ताप्ती सेवा समिति ने पुनर्विचार की मांग की
बुरहानपुर: ताप्ती सेवा समिति ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में हालिया 40 से 60 प्रतिशत वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है। समिति ने कहा कि इससे छोटे व्यापारी, होटल संचालक और ढाबा व्यवसायी लकड़ी और कोयले की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे जंगलों पर दबाव बढ़ेगा। समिति ने बताया कि देश में वन क्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल 21 से 24 प्रतिशत है जबकि आदर्श स्थिति 33 प्रतिशत होनी चाहिए।
समिति ने आगाह किया कि लकड़ी और कोयले के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन 2 से 3 गुना बढ़ेगा, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होगी और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। समिति ने भारत सरकार से गैस कीमतों पर तत्काल पुनर्विचार, छोटे व्यवसायियों के लिए राहत और स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने की मांग की। अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत, उपाध्यक्ष अत्ताउल्लाह खान, रियाज उल्लाह अंसारी, विनय पुनीवाला, राजकुमार बचवानी, वरुण चौधरी, डॉ यूसुफ खान, राजेश भगत और धर्मेंद्र सोनी समेत कई लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।