खैरथल: सिंधी में आयुर्विज्ञान शब्दावली कार्यशाला का उद्घाटन
खैरथल हीरालाल भूरानी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT), नई दिल्ली द्वारा जेएलएन मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में सिंधी भाषा में चिकित्सा शब्दावली की पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। प्रधानाचार्य डॉ अनिल सामरिया ने दीप प्रज्ज्वलन कर विशेषज्ञों का स्वागत किया और इस आयोजन से अजमेर को शिक्षा, चिकित्सा एवं भाषा विकास में नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई। डॉ दीपा थदानी को कार्यशाला समन्वयक नियुक्त किया गया है।
जय सिंह रावत, सहायक निदेशक, ने बताया कि यह कार्यशाला 13 महीने तक चलेगी जिसमें लगभग 40,700 आयुर्विज्ञान शब्दों में से पहले चरण में 3,000 महत्वपूर्ण अंग्रेजी-हिंदी तकनीकी शब्दों की सिंधी में शब्दावली तैयार की जाएगी। कार्यशाला में डॉ गुरुदास खिलनानी, डॉ जयराम रावतानी, डॉ कमलेश तनवानी, डॉ महेंद्र खन्ना, डॉ मनोहर गुरनानी, डॉ माया गुरनानी, डॉ चंदर प्रकाश दादलानी, डॉ हासो दादलानी, डॉ परमेश्वरी पमनानी, डॉ पुष्पा कोडवानी एवं श्री सुरेश श्रीचंदानी सहित कई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
पूर्व अध्यक्ष डॉ लाल थदानी ने कहा कि यह प्रयास सिंधी भाषी विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ हासो दादलानी ने बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भाषाओं के विकास के लिए 7000 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ ज्योत्सना चांदवानी ने किया, जबकि डॉ कमलेश तनवानी ने आभार व्यक्त किया।