भिण्ड: नरवाई जलाने वालों पर प्रशासन ने लगाया जुर्माना
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फसल अवशेष जलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। इससे भूमि के सूक्ष्म जीव और जैविक कार्बन नष्ट होते हैं, जिससे जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा, जलने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जो जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए नरवाई प्रबंधन के आधुनिक और वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि पर्यावरण और मृदा स्वास्थ्य के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।