सिंगरौली में राखड़ प्रदूषण को लेकर NTPC पर सवाल
सिंगरौली: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित रिहंद जलाशय में राखड़ से होने वाले प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है। NTPC कंपनी द्वारा संचालित राखड़ बांधों से दूषित जल का रिसाव हो रहा है, जिससे जल स्रोत, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इस समस्या को लेकर कंपनी की लापरवाही और प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। NTPC के PRO शंकर सुब्रमण्यम के कथित गैर-जिम्मेदाराना बयान भी विवाद का कारण बने हैं।
सिंगरौली में प्रदूषण का प्रभाव पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और मानव जीवन तक पहुंच रहा है, जिससे कैंसर, त्वचा रोग और श्वसन बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस विषय पर कोई व्यापक सर्वेक्षण या प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भाजपा जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर आरोप लगाए हैं, वहीं सांसद राजेश मिश्रा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से बचाव किया। महापौर रानी अग्रवाल की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थानीय निवासी राजेश शाह ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के NTPC के प्रति नरम रवैये की आलोचना की है।