अखिलेश यादव का बड़ा दांव: यूपी में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा का वादा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी घोषणा की है, जिसके तहत प्रदेश में सपा सरकार बनने पर 'केजी से पीजी' (KG to PG) तक की शिक्षा को पूरी तरह से मुफ्त करने का वादा किया गया है। यह घोषणा न केवल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देती है, बल्कि सीधे तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को अपनी ओर आकर्षित करने का एक ठोस प्रयास है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में उच्च शिक्षा का खर्च आम नागरिक की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, ऐसे में प्राथमिक शिक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक की फीस माफी का यह वादा एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो अखिलेश यादव की सरकार अपने पिछले कार्यकाल में 'लैपटॉप वितरण योजना' के लिए जानी जाती रही है, जिसने छात्रों के बीच उनकी एक 'युवा और शिक्षा समर्थक' नेता की छवि बनाई थी; अब उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शिक्षा के लोकतंत्रीकरण का यह नया मास्टरस्ट्रोक खेला है। यह घोषणा सत्ताधारी दल के दावों के बीच अपनी जगह बनाने और युवाओं को रोजगार के साथ-साथ शैक्षिक सुरक्षा का भरोसा दिलाने की एक सोची-समझी रणनीति है। यदि सपा इस वादे को अपने घोषणापत्र का मुख्य बिंदु बनाती है, तो यह चुनाव में शिक्षा के मुद्दे को जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर लाकर एक नया विमर्श पैदा कर सकता है, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों छात्र और उनके अभिभावक प्रभावित होंगे।