टॉफी का लालच देकर 5 वर्षीय मासूम बच्ची से छेड़छाड़ करने वाले 63 वर्षीय आरोपी को फॉस्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सुनाई 5 साल की कठोर सजा, 10 हजार जुर्माना
बच्चीं की देखभाल की जिम्मेदारी भरोसे के नाते आरोपी को सौंप कर ड्यूटी पर जाते थे पति-पत्नी, इसी दौरान की अश्लील हरकतें
अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जरुर बताए, कोई कितना भी परिचित क्यों न हो, आंख मूंदकर विश्वास न करे: डीसीपी सृष्टि गुप्ता
पंचकूला/ 01 मई :- हरियाणा के जिला पंचकूला में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए माननीय न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पंचकूला की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने वर्ष 2024 के एक पॉक्सो मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए 63 वर्षीय आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी की सजा की अवधि को नियमानुसार बढ़ाया जाएगा। न्यायाधीश ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत गंभीर अपराध का दोषी पाते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है।
यह मामला 18 जनवरी 2024 को पिंजौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया था। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता के पिता ने बताया था कि उन्होंने आरोपी से एक मकान खरीदा था, जिसका आधा हिस्सा अभी भी आरोपी के पास था। शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी दोनों कामकाजी होने के कारण अपने बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी भरोसे के नाते आरोपी को सौंप कर ड्यूटी पर जाते थे। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए, एक शाम जब माता-पिता घर लौटे, तो मासूम बच्ची ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी ने टॉफी देने के बहाने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी पीएसआई सुनीत चौकन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचाया था।
इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसीपी पंचकूला ने समाज की सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता: अब आधुनिक पुलिसिंग के तहत अब केवल गवाही ही नहीं, बल्कि फोरेंसिक और साक्ष्यों को इतनी मजबूती से पिरोया जा रहा है कि आरोपी कानून की किसी भी तकनीकी खामी का फायदा न उठा सके। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हुं कि बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति पंचकूला पुलिस का रवैया अत्यंत कठोर ही रहेगा। यह निर्णय उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो विश्वास का फायदा उठाकर बच्चों को निशाना बनाते हैं।
डीसीपी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सदैव सतर्क रहें। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जागरूक करें। यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह कितना भी परिचित क्यों न हो, संदिग्ध आचरण करता है, तो बिना डरे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पंचकूला पुलिस आपकी पहचान गोपनीय रखते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।