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संत लोंगोवाल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, पंजाब के विद्यार्थियों ने ट्रेकिंग कर प्रकृति का किया सजीव अनुभव, राष्ट्र निर्माण पर मिला प्रेरक

पंचकूला मई 1: संत लोंगोवाल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, पंजाब के विद्यार्थियों ने नेचर कैम्प थापली भ्रमण के दौरान आज आयोजित विशेष ट्रेकिंग अभियान में भाग लेकर प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का नजदीक से अनुभव किया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पहाड़ों, नदियों, हरियाली और स्वच्छ वातावरण को निकट से देखा तथा प्रकृति की अनमोल धरोहर को महसूस किया। ट्रेकिंग अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाना, मानसिक रूप से सशक्त करना तथा उन्हें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना हैं।

इस ट्रेकिंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। प्राकृतिक रास्तों, पहाड़ी पगडंडियों और हरियाली से घिरे मार्गों से गुजरते हुए विद्यार्थियों ने रोमांच और आनंद का अनुभव किया। रास्ते में बहती नदियों की कल-कल ध्वनि, पहाड़ों की विशालता, ठंडी हवा और प्राकृतिक दृश्य विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत यादगार और प्रेरणादायक रहा।

ट्रेकिंग के दौरान विद्यार्थियों ने प्रकृति को बहुत नजदीक से देखा और महसूस किया। उन्होंने पहाड़ों की ऊंचाई, नदियों की स्वच्छता, पेड़-पौधों की विविधता और प्राकृतिक संतुलन को समझने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने अनुभव किया कि प्रकृति केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इस दौरान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से अनुशासन, सहयोग और टीम भावना का परिचय दिया। ट्रेकिंग के दौरान सभी विद्यार्थियों ने एक-दूसरे का सहयोग किया और पूरे मार्ग को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस गतिविधि से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता तथा चुनौतियों का सामना करने की भावना मजबूत हुई।

विद्यार्थियों ने बताया कि आज की ट्रेकिंग ने उन्हें मानसिक शांति, नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान की। आधुनिक जीवन की व्यस्तता और तकनीकी साधनों से दूर प्रकृति के बीच बिताया गया समय उनके लिए अत्यंत सुखद रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें जीवन के वास्तविक मूल्यों से जोड़ते हैं।

इस अवसर पर यूथ वेलफेयर कोऑर्डिनेटर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत सत्र आयोजित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को “नेशन फर्स्ट” का संदेश देते हुए कहा कि देश सर्वोपरि है और प्रत्येक युवा का कर्तव्य है कि वह अपने ज्ञान, ऊर्जा और क्षमता का उपयोग राष्ट्रहित में करे।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी सीखने का महत्वपूर्ण समय है। युवाओं को देश के विकास, समाज सेवा, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आना चाहिए।

यूथ वेलफेयर कोऑर्डिनेटर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि युवा पीढ़ी सही दिशा में कार्य करे तो देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण को सफलता की कुंजी बताया। साथ ही विद्यार्थियों से नशामुक्त जीवन, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक समरसता को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि आज के युवा केवल अपने करियर तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। हर विद्यार्थी यदि अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करे और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे, तो भारत को सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने कहा कि इस सत्र ने उन्हें नई दिशा, नई सोच और देश के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को अपनाएंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, शिक्षकों, मार्गदर्शकों तथा सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के साहसिक, शैक्षणिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

आज का यह ट्रेकिंग अभियान विद्यार्थियों के लिए केवल साहसिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने, टीम भावना विकसित करने और राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूक होने का अनूठा अवसर साबित हुआ। विद्यार्थियों ने नई ऊर्जा, प्रेरणा और यादगार अनुभवों के साथ इस कार्यक्रम को अत्यंत सफल बताया।

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