चाय बेची, सरकारी स्कूल से पढ़कर 23 साल की उम्र में IAS बने आयुष गोयल
दिल्ली के मंडोली रोड विश्वकर्मा गेट के रहने वाले सुभाष चंद्र गोयल ने अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए दिन रात एक दिया। खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बच्चों को शिक्षा दिलाई। सब्जी बेची। चाय की दुकान लगाई। परचून की दुकान चलाई। पत्नी मीरा ने घर संभाला। दोनों की मेहनत और त्याग रंग लाए और बेटा आयुष IIM से MBA कर 28 लाख के पैकेज की नौकरी पर लग गया। परिवार की आर्थिक तंगी के दिन अब लदने वाले थे। लेकिन महज 6 महीने बाद सुभाष चंद्र गोयल उस वक्त सदमे में आ गए जब आयुष ने उन्हें अपने जॉब छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ( UPSC Civil Services Exam ) की तैयारी करने के फैसले के बारे में बताया। भारत की सबसे कठिन परीक्षा जिसमें 10 लाख युवाओं में से महज 900 से 1000 अभ्यर्थियों का चयन होता है। पिता टूट गए। लेकिन आयुष ने अपने पिता को भरोसा दिलाया। दिल्ली के सरकारी स्कूल राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय से पढ़े आयुष ने यह भारी रिस्क लिया और अपने मजबूत इरादों और लगन के दम पर पहले ही अटेम्प्ट में चुनौतिपूर्ण यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 क्रैक कर डाली