LPG के बाद पेट्रोल-डीजल पर नजर, बढ़ोतरी की अटकलें तेज।
सरकार ने नहीं की पुष्टि, 4–5 रुपये तक बढ़ने की चर्चा; वैश्विक हालात पर टिकी निगाह
नई दिल्ली । देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों और सरकार के बीच ईंधन कीमतों को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संशोधन किया जा सकता है।
चार साल से स्थिर हैं कीमतें-
देश में पेट्रोल और डीजल के दाम पिछले लगभग चार वर्षों से स्थिर बने हुए हैं। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियों पर बढ़ते लागत दबाव के चलते कीमतों में संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है।
4–5 रुपये तक बढ़ोतरी की चर्चा-
सूत्रों के अनुसार, संभावित वृद्धि 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है। हालांकि यह पूरी तरह से परिस्थितियों और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
वैश्विक तनाव बना वजह-
मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों पर दबाव बढ़ रहा है।
सरकार की सतर्क नजर-
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए संतुलित निर्णय लिया जाएगा। तत्काल कीमत बढ़ाने की कोई पुष्टि नहीं की गई है।
महंगाई पर पड़ सकता है असर-
यदि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ेगा। इससे फल-सब्जियों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं, जिसका असर खासकर मध्यम वर्ग पर अधिक पड़ेगा।
एक हफ्ते में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद-
सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति साफ हो सकती है। फिलहाल, बाजार और आम जनता दोनों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर फिलहाल केवल अटकलें हैं। सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए आने वाले समय में निर्णय लिया जा सकता है।