ओडिशा में 'काल बैसाखी' का तांडव: भुवनेश्वर-कटक समेत तटीय इलाकों में भारी तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त
ओडिशा के तटीय जिलों में आज शाम प्रकृति का भीषण रूप देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच अचानक आए 'काल बैसाखी' (Kalbaisakhi) तूफान ने राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और कटक समेत कई तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। मात्र कुछ ही घंटों के भीतर आए इस तूफान ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है।
तूफान की तीव्रता: 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाएं
आज शाम करीब 5:30 बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और गरज शुरू हो गई।
हवा की गति: मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार लगभग 60 किमी/घंटा दर्ज की गई।
बिजली और गरज: भारी गरज और बिजली कड़कने के साथ हुई इस बारिश ने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बना दी।
नुकसान का आकलन: उखड़े पेड़ और अंधेरे में डूबे शहर
तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
बिजली गुल: भुवनेश्वर और कटक के कई प्रमुख इलाकों में बिजली के खंभे गिरने और तारों पर पेड़ों की टहनियाँ टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। कई क्षेत्र पिछले 4 घंटों से पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए हैं।
यातायात बाधित: सड़कों पर विशाल पेड़ों के गिरने से आवाजाही रुक गई है। दमकल विभाग और ODRAF की टीमें क्रेन की मदद से सड़कों को साफ करने में जुटी हैं।
कच्चे घरों को क्षति: स्लम बस्तियों और निचले इलाकों में स्थित कच्चे घरों (Temporary Settlements) की छतें उड़ गई हैं और कई घरों को भारी नुकसान पहुँचा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा चेतावनी
राज्य प्रशासन और नगर निगम (BMC/CMC) ने स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
सुरक्षा सलाह: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और होर्डिंग्स से दूर रहें। लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे अपने सुरक्षित घरों से बाहर न निकलें।
पुनर्स्थापना: बिजली विभाग (TPCODL) के कर्मचारियों को युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में लगाया गया है ताकि जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के 'काल बैसाखी' के हालात बन सकते हैं। तटीय जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी रखा गया है।
सावधानी संदेश: बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें और खुले मैदानों में जाने से बचें।